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Panna Tiger Reserve







आज हमलोग पन्ना टाइगर रिज़र्व के बारे में बात करेंगे। यह टाइगर रिज़र्व मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिले  में लगभग 542. 67 वर्ग किलोमीटर  फैला हुआ है। यह विंध्य पर्वत श्रेणियों के अंतर्गत  आता है। यह  रिज़र्व  पहले गंगऊ वाइल्डलाइफ सक्तुअरी के अंतर्गत आता था  जो की 1975 में बना था ।  बाद में सन 1981 में इसी वाइल्ड लाइफ सक्तुअरी के एरिया से पन्ना नेशनल पार्क  सन  1981 में अस्तित्व में आया। फिर चलकर 1994 में भारत सरकार  द्वारा इसे प्रोजेक्ट टाइगर रिज़र्व की श्रेणी में रखा गया।  और इस प्रकार पन्ना टाइगर रिज़र्व का अस्तित्वा आया। 

यह टाइगर रिज़र्व पतझरी जंगलो, पठारों, और घास की हरी भरी घाटियों से भरा हुआ है जहा की प्राकृतिक सुंदरता आपका मन मोह लेगी। इस टाइगर रिज़र्व से होकर केन नदी बहती है जो की इस जंगल के सभी जीव जन्तुओ के लिए की जीवन दायिनी स्रोत है। यह आपको बाघों के अलावा तेंदुआ , नीलगाय , चिंकारा , चीतल, जंगली कुत्ते भेड़िए लकड़बग्गा भालू मिल जायेंगे।  इसे साथ साथ केन नदी घाटियों में घड़ियाल मगर एवं अन्य सरीसृप भी मिलते है। यह 200 प्रजातीओ के  विभिन्न प्रकार पंछिया पायी जाती है  जिसमे मुख्यत सरस , बतख , गिद्ध , तोता , फ्लाई कैचर इत्यादि शामिल है। यह पशुपन्छीयो के साथ साथ आपको यह के चट्टानों में उकेरे हुए  हज़ारो साल पुराने  चित्र भी मिलेंगे। 

पर्यटकों के लिए ये एक आकर्सक घूमने की जगह है। यहाँ  पहुंचने के लिए एयरपोर्ट और रेलवे दोनों से ही कनेक्टिवीय है। नजदीकी एयरपोर्ट खजुराहो में है जो की यह से 25 दूर है।  और यही रेलवे स्टेशन की बात की जय तो यह  पहुंचने के लिए समीपवर्ती रेलवे स्टेशनो में खजुराहो , सतना , कटनी और झांसी है।  इस पार्क में मुख्य रूप से दो द्वार है मडला गेट और हिनौता गेट। 

यदि आपको कभी समय मिले तो पन्ना टाइगर रिज़र्व एक बार जरूर जाये और यहाँ के बाघों का दर्शन जरूर करे जो यह  पर्यटन का मुख्य केंद्र बिंदु है।  यहाँ 2018 के गणना के मुताबिक लगभग 526 बाघ है।  अब तोह UNESCO द्वारा भी इस टाइगर रिज़र्व को  बायोस्फियर रिज़र्व की सूचि में  स्थान मिल गया है। 

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