आज हमलोग क्लस्टर कैनोपी के विषय में चर्चा करेंगे | यह शहरी छेत्रो में एक छोटे छोटे जंगल या कहे पॉकेट फॉरेस्टेशन पर आधारित है | इसमें शहरी छेत्रो में ही कुछ पौधों को एक साथ एक मुठे में या यु कहे एक समूह में बांध दिया जाता है और उस पुरे पौधे के मुठे को ही रोप दिया जाता है | फिर चार पांच साल बाद पेड़ बड़े हो जाते है तोह इनके ऊपरी हिस्से की सतह काफी फैल जाते है | इससे एक छोटे से जगह में ही काफी घनी जगलनुमा पर्यावरण का निर्माण होता है | ये पंछियो को अपनी और आकर्षित करते है और साथ साथ ज्यादा घने होने के कारन इनके निचे के घास में काफी हरे भरे होते है | अतः ये मृदा अपरदन एंड जल संचयन में काफी अहम् भूमिका निभाता है | अगर इसमें फलदार वृक्ष को महत्ता दी जाये तोह ये एग्रोफोरेस्ट्री के दृस्टि से एक अच्छा आय का भी स्रोत बन सकता है | इसके साथ साथ चुकी ये जमीं में काफी कम जगह लेते है सो इस सिद्धांत को वैसे छेत्रो में भी लगाया जा सकता है समुचित जगह की कमी है |
Hi, Friends. Welcome to my Blog. My name is Gourav Banerjee and professionally I am a student of physics. Apart form my academic activities I am also a passionate photographer and nature enthusiast. In this blog I use to write articles associated with environmental and my travelling experience to different places. Hope you will like my posts.
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